जैविक मल्चिंग से खेती में क्रांति: कम लागत में ज्यादा उत्पादन, मिट्टी भी सुरक्षित.

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News18•17-02-2026, 16:09
जैविक मल्चिंग से खेती में क्रांति: कम लागत में ज्यादा उत्पादन, मिट्टी भी सुरक्षित.
- •वैज्ञानिकों ने पॉली मल्चिंग के मिट्टी प्रदूषण को रोकने के लिए जैविक मल्चिंग का सुझाव दिया है, यह एक पुरानी तकनीक का नया रूप है.
- •सागर कृषि विज्ञान केंद्र के RAWE छात्रों को गेहूं के डंठल जैसे फसल अवशेषों का उपयोग करके जैविक मल्चिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
- •जैविक मल्चिंग पानी की बर्बादी को रोकती है, वायु और मिट्टी प्रदूषण को कम करती है, और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, जिससे उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है.
- •फसल अवशेषों का प्रभावी ढंग से उपयोग करके, जैविक मल्चिंग मिट्टी के पोषक तत्वों और उत्पादन को बढ़ाती है, और पॉली मल्चिंग से सस्ती है.
- •5-8 सेमी सूखे गेहूं के डंठल का उपयोग करके और 5 सेमी बेड स्पेसिंग से किसानों को प्रति सीजन कम से कम 15,000 रुपये की बचत हो सकती है.
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