पलामू के किसान देसी जुगाड़ से स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत घटाकर बढ़ाएं उत्पादन.

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News18•01-01-2026, 13:14
पलामू के किसान देसी जुगाड़ से स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत घटाकर बढ़ाएं उत्पादन.
- •स्ट्रॉबेरी को मिट्टी के सीधे संपर्क में आने से सड़न, फंगल संक्रमण और गुणवत्ता में गिरावट का खतरा होता है.
- •मल्चिंग, पौधों के चारों ओर जमीन को ढकना, इस समस्या से बचने के लिए महत्वपूर्ण है; प्लास्टिक और जैविक मल्च का उपयोग होता है.
- •कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, जैविक मल्च मिट्टी का तापमान नियंत्रित करता है, नमी बनाए रखता है और खरपतवारों को रोकता है.
- •जैविक मल्च जैसे धान का पुआल या गेहूं का भूसा लागत प्रभावी होते हैं, खेती का खर्च कम करते हैं और किसानों का मुनाफा बढ़ाते हैं.
- •महंगे प्लास्टिक मल्च के विपरीत, स्वदेशी जैविक तरीके उच्च उपज के लिए एक टिकाऊ और सस्ता विकल्प प्रदान करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जैविक मल्चिंग पलामू के किसानों के लिए स्ट्रॉबेरी उत्पादन और मुनाफे को बढ़ाने का सस्ता तरीका है.
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