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News1825-12-2025, 17:02

गेहूं-चना से ज्यादा मुनाफा देगा पपीता! किसानों की आय में बंपर बढ़ोतरी.

  • पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं और चना की तुलना में पपीते की खेती किसानों को अधिक मुनाफा दे रही है, जिससे बढ़ती लागत और सीमित लाभ की समस्या हल हो रही है.
  • मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 40,000 हेक्टेयर में पपीते की खेती हो रही है, जिससे किसान साल भर आय अर्जित कर रहे हैं और जिला बागवानी में अग्रणी बन रहा है.
  • पपीते के पेड़ 6-8 महीने में फल देना शुरू कर देते हैं और 2-3 साल तक लगातार उत्पादन देते हैं; नवंबर-दिसंबर रोपण के लिए सबसे अच्छा समय है.
  • रेड लेडी-76, पूसा ड्वार्फ, पूसा डिलीशियस और ताइवान जैसी उन्नत किस्में अनुशंसित हैं, जिनमें रेड लेडी-76 बाजार में सबसे अधिक पसंद की जाती है.
  • एक हेक्टेयर में पपीते की खेती की प्रारंभिक लागत लगभग 40,000 रुपये है, जिससे किसान प्रति वर्ष 1.5 से 2 लाख रुपये तक की आय आसानी से कमा सकते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पपीते की खेती किसानों को लगातार और महत्वपूर्ण आय प्रदान कर रही है, जिससे कृषि में बदलाव आ रहा है.

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