लाल मकड़ी ने कर दिया पपीते के पौधे में हमला या फिर फल में, इन बीमारियों से रखें
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News1822-01-2026, 12:06

पपीते की फसल पर लाल मकड़ी का हमला: एक्सपर्ट नीलेश ने बताए 5 अचूक उपाय

  • रांची के कृषि विशेषज्ञ नीलेश ने पपीते की फसल को प्रभावित करने वाले लाल मकड़ी, डैम्पिंग-ऑफ और रॉट जैसे सामान्य रोगों पर प्रकाश डाला.
  • लाल मकड़ी से पत्तियां पीली और फल खुरदुरे हो जाते हैं; डैम्पिंग-ऑफ से पत्तियां सख्त और सिकुड़ जाती हैं, फल नहीं लगते; रॉट से पौधे मुरझा जाते हैं और फलों पर गहरे धब्बे पड़ते हैं.
  • मैनकोजेब, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड और क्लोरोथालोनिल जैसे रसायनों का उपयोग जड़ों पर बहुत कम मात्रा में किया जा सकता है.
  • नीम के तेल का नियमित छिड़काव और तरल खाद (गोबर, वर्मीकम्पोस्ट, गोमूत्र, गुड़) से पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है.
  • खरपतवार नियंत्रण के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग और कीटों व रोगों का शीघ्र पता लगाने के लिए पौधों की लगातार निगरानी स्वस्थ पपीते की खेती के लिए आवश्यक है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विशेषज्ञ नीलेश ने लाल मकड़ी और अन्य पपीते के रोगों से लड़ने के लिए 5 प्रमुख उपाय बताए हैं.

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