तेलंगाना की 'सीड मदर्स' ने 100 देसी किस्में बचाईं, रसायनों पर परंपरा की जीत.
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तेलंगाना की 'सीड मदर्स' ने रसायनों को दी मात, सहेजीं 100 देसी किस्में.
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News18•03-03-2026, 12:24
तेलंगाना की 'सीड मदर्स' ने रसायनों को दी मात, सहेजीं 100 देसी किस्में.
•तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के जहीराबाद क्षेत्र की दलित महिलाओं ने सामुदायिक बीज बैंकों का एक सशक्त नेटवर्क बनाया है.
•डेक्कन डेवलपमेंट सोसाइटी (DDS) से जुड़ी लगभग 5,000 महिलाएं रागी, ज्वार, बाजरा और विभिन्न दालों सहित 80 से 100 पारंपरिक बीज किस्मों का संरक्षण कर रही हैं.
•उनकी खेती पूरी तरह से वर्षा-आधारित और जैविक है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता, जिससे कम लागत में बेहतर उत्पादन होता है.
•बीज भंडारण के लिए मिट्टी के बर्तन, नीम की पत्तियां, सूखी राख और मिट्टी के लेप जैसी स्वदेशी विधियों का उपयोग किया जाता है, जिससे बीजों की अंकुरण क्षमता कई वर्षों तक बनी रहती है.
•इन्हें 'सीड कीपर्स' और 'अन्नपूर्णा' के रूप में सम्मानित किया गया है; 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने इक्वेटर पुरस्कार और भारत सरकार ने प्लांट जीनोम सेवर कम्युनिटी अवार्ड से नवाजा है.