गेहूं की दूसरी सिंचाई में बरतें सावधानी: दाना होगा मोटा, पैदावार बढ़ेगी.

कृषि
N
News18•01-01-2026, 16:12
गेहूं की दूसरी सिंचाई में बरतें सावधानी: दाना होगा मोटा, पैदावार बढ़ेगी.
- •अगेती गेहूं की दूसरी सिंचाई पैदावार के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर लखीमपुर खीरी में.
- •कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप बिसन जलभराव से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह जड़ों को नुकसान पहुंचाता है.
- •केवल उतनी ही सिंचाई करें जिससे मिट्टी नम हो; शाम को सिंचाई करना अधिक फायदेमंद है.
- •दूसरी सिंचाई बुवाई के लगभग 40-45 दिन बाद करनी चाहिए.
- •सिंचाई के चार दिन बाद यूरिया डालें; फसल पीली पड़ने पर मैनकोजेब का छिड़काव करें.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गेहूं की दूसरी सिंचाई में जलभराव से बचें, सही तरीके से सिंचाई से अच्छी पैदावार मिलेगी.
✦
More like this
Loading more articles...





