गेहूं की सिंचाई 
कृषि
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News1828-01-2026, 04:55

गेहूं की दूसरी सिंचाई: दाने बनने के लिए महत्वपूर्ण, सही समय और पानी का संतुलन जरूरी.

  • गेहूं की दूसरी सिंचाई बालियों के विकास और दानों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है, जो कुल उपज को प्रभावित करती है.
  • रायबरेली के कृषि विशेषज्ञ शिव शंकर वर्मा के अनुसार, बुवाई के 40-45 दिन बाद, गांठ बनने या कल्ले फूटने की अवस्था में सिंचाई करें.
  • सही जल प्रबंधन आवश्यक है; पौधों के इष्टतम विकास के लिए अत्यधिक या अपर्याप्त पानी दोनों से बचें.
  • दूसरी सिंचाई से पहले या बाद में खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण है ताकि पोषक तत्व और नमी गेहूं के पौधों तक पहुंच सकें.
  • दूसरी सिंचाई के साथ संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन उर्वरक का प्रयोग स्वस्थ पौधों और बालियों के विकास को बढ़ावा देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गेहूं की उपज बढ़ाने के लिए समय पर और संतुलित दूसरी सिंचाई, साथ ही खरपतवार नियंत्रण महत्वपूर्ण है.

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