आर्कटिक ग्राउंड गिलहरी: ठंड में खोती है याददाश्त, गर्मी में सब याद आता है

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News18•28-01-2026, 08:46
आर्कटिक ग्राउंड गिलहरी: ठंड में खोती है याददाश्त, गर्मी में सब याद आता है
- •आर्कटिक ग्राउंड गिलहरी (Urocitellus parryii) अलास्का, कनाडा और साइबेरिया जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में 8 महीने तक हाइबरनेशन में रहती है.
- •हाइबरनेशन के दौरान, इसका शारीरिक तापमान -2.9°C तक गिर जाता है, हृदय गति 1-5 बीट प्रति मिनट हो जाती है और मस्तिष्क की गतिविधि लगभग शून्य हो जाती है, जिससे याददाश्त चली जाती है.
- •वैज्ञानिकों ने पाया कि इस अवधि में न्यूरॉन्स सिकुड़ते हैं और सिनैप्स टूटते हैं, जो मनुष्यों में गंभीर मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकता है.
- •हर 2-3 सप्ताह में, गिलहरी अपने शरीर का तापमान बढ़ाने के लिए संक्षिप्त रूप से 'जागृत' होती है, माना जाता है कि यह प्रक्रिया उसके मस्तिष्क की रक्षा करती है.
- •वसंत में जागने पर, उसका मस्तिष्क पूरी तरह से ठीक हो जाता है, न्यूरॉन्स फिर से उगते हैं, सिनैप्स पुनर्जीवित होते हैं, और याददाश्त पूरी तरह से बहाल हो जाती है, यहाँ तक कि मजबूत भी होती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आर्कटिक ग्राउंड गिलहरी का अनोखा हाइबरनेशन मस्तिष्क संरक्षण और याददाश्त पुनर्जनन में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है.
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