रेत पर बिजली गिरने से क्या होता है? 30,000 डिग्री तापमान के बाद का मंजर देख आपकी रूह कांप उठेगी.
Loading more articles...
रेत पर बिजली गिरने से बनता है 'फुल्गुराइट्स', 30000 डिग्री तापमान का रहस्य.
N
News18•03-03-2026, 08:48
रेत पर बिजली गिरने से बनता है 'फुल्गुराइट्स', 30000 डिग्री तापमान का रहस्य.
•एक बिजली का बोल्ट 5 गीगाजूल ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है, जो रेत को 30,000 डिग्री सेल्सियस पर पिघला देता है, जो सूर्य की सतह से पांच गुना अधिक गर्म है.
•जब बिजली रेत से टकराती है, तो यह 'फुल्गुराइट्स' बनाती है - पिघली हुई रेत की लंबी, खोखली नलिकाएं, जिन्हें 'जीवाश्म बिजली' भी कहा जाता है.
•फुल्गुराइट्स दुर्लभ हैं, विश्व स्तर पर पाए जाते हैं, और बिजली के भूमिगत मार्ग को दर्शाते हैं, जिनका आकार इंच से लेकर 16 फीट तक होता है.
•ये प्राकृतिक कांच संरचनाएं प्राचीन तूफान की घटनाओं और पृथ्वी के इतिहास में वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं, जैसे कि सहारा रेगिस्तान के कभी उपजाऊ होने की पुष्टि करना.
•फुल्गुराइट्स मूल्यवान टाइम कैप्सूल हैं, जो हमारे ग्रह के अतीत और बिजली की विनाशकारी शक्ति के बारे में सुराग संरक्षित करते हैं.