लंदन की 'मौत वाली रेलगाड़ी': मृतकों के लिए एकतरफा यात्रा का खौफनाक सच

ऑफ बीट
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News18•28-01-2026, 08:52
लंदन की 'मौत वाली रेलगाड़ी': मृतकों के लिए एकतरफा यात्रा का खौफनाक सच
- •19वीं सदी की शुरुआत में, लंदन में दफनाने की जगह की भारी कमी थी, जिससे कब्रिस्तान भर गए और शव सड़कों पर जमा हो गए.
- •1854 में 'लंदन नेक्रोपोलिस रेलवे' की स्थापना की गई, जो शवों और शोक संतप्तों को ब्रुकवुड, सरे में 23 मील दूर एक नए कब्रिस्तान तक ले जाती थी.
- •ताबूतों को एकतरफा टिकट मिलते थे, जबकि रिश्तेदारों को वापसी टिकट दिए जाते थे; ट्रेन में विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के लिए अलग-अलग स्टॉप थे.
- •वर्ग भेद स्पष्ट था: धनी परिवारों के लिए निजी कमरे और विस्तृत अंतिम संस्कार होते थे, जबकि गरीबों को संस्थागत खर्च पर दफनाया जाता था.
- •यह रेलवे 1941 तक चला, जब द्वितीय विश्व युद्ध की बमबारी में यह नष्ट हो गया और मोटर परिवहन के उदय के कारण इसे फिर से नहीं बनाया गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लंदन की 'डेथ रेलवे' दफनाने की जगह के संकट का एक अनूठा 19वीं सदी का समाधान था, जो सामाजिक मानदंडों को दर्शाता है.
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