
प्रदान किए गए स्रोतों में डिजिटल भुगतान में उपभोक्ता विश्वास पर यूपीआई लेनदेन त्रुटियों के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में जानकारी नहीं है।
बैंक और यूपीआई ऐप्स सभी डिजिटल लेनदेन के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) लागू करके सुरक्षा बढ़ा सकते हैं।
उपयोगकर्ता पुष्टि करने से पहले लेनदेन विवरण की सावधानीपूर्वक जांच करके, और अपने यूपीआई ऐप के माध्यम से किसी भी त्रुटि की तुरंत रिपोर्ट करके गलत यूपीआई ट्रांसफर को कम कर सकते हैं।