हैदराबाद: बंसीलालपेट बावड़ी बनी सांस्कृतिक केंद्र, 300 साल पुरानी विरासत में संगीत का जादू.

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News18•25-12-2025, 12:02
हैदराबाद: बंसीलालपेट बावड़ी बनी सांस्कृतिक केंद्र, 300 साल पुरानी विरासत में संगीत का जादू.
- •हैदराबाद की 300 साल पुरानी बंसीलालपेट बावड़ी को 'टैंगी सेशंस' समूह ने एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र में बदल दिया है.
- •हर सप्ताहांत (शनिवार और रविवार शाम 5:45 से 8 बजे) यहां संगीत, कविता, मुशायरा और थिएटर जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित होते हैं.
- •यह पहल पुरानी विरासत को नई पीढ़ी से जोड़कर सांस्कृतिक संरक्षण का एक सफल मॉडल बन गई है, जिससे लोग संरक्षक बनते हैं.
- •स्थानीय कलाकारों के साथ राहत इंदौरी, संजीता भट्टाचार्य और अभिजीत गुरजाले जैसे प्रसिद्ध कलाकार भी यहां प्रदर्शन कर चुके हैं.
- •आगामी कार्यक्रम: 27 और 28 दिसंबर को कश्मीरी गायक-गीतकार अली सफुद्दीन रॉक संगीत और सूफी कविता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करेंगे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बंसीलालपेट बावड़ी का कायाकल्प कला के माध्यम से विरासत को पुनर्जीवित करने का एक सफल उदाहरण है.
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