RTC बस स्टैंड बना असामाजिक गतिविधियों का अड्डा, 30 साल की उपेक्षा पर दानदाता कोर्ट जाने को तैयार.

चित्तूर
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News18•20-01-2026, 13:03
RTC बस स्टैंड बना असामाजिक गतिविधियों का अड्डा, 30 साल की उपेक्षा पर दानदाता कोर्ट जाने को तैयार.
- •चित्तूर जिले के बैरेड्डीपल्ले में RTC बस स्टैंड 35 साल से अधूरा और अनुपयोगी है, जो अब असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है.
- •कोम्माचू परिवार ने पलमनेर से कृष्णागिरी राष्ट्रीय राजमार्ग के पास करोड़ों रुपये की 1.5 एकड़ जमीन बस स्टैंड के लिए दान की थी.
- •इंजीनियरों की दोषपूर्ण निर्माण योजना के कारण बसें मुड़ नहीं पातीं, जिससे बस स्टैंड केवल दिखावटी रह गया और RTC अधिकारियों द्वारा उपेक्षित है.
- •बस स्टैंड अब अनियंत्रित पार्किंग, ऑटो स्टैंड और शराबियों के लिए आश्रय स्थल बन गया है, जिससे श्री कोडंडारामस्वामी मंदिर के पास भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं.
- •दानदाता जमीन वापस लेने के लिए अदालत जाने और मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के ध्यान में यह मुद्दा लाने की योजना बना रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बैरेड्डीपल्ले का RTC बस स्टैंड दशकों की उपेक्षा के कारण असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है, जिससे दानदाता कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं.
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