85 साल की दादी ने बताई भारत की मुद्रा यात्रा: कौड़ी से रुपये तक का सफर.

जहानाबाद
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News18•21-12-2025, 23:59
85 साल की दादी ने बताई भारत की मुद्रा यात्रा: कौड़ी से रुपये तक का सफर.
- •जहानाबाद की 85 वर्षीय कुंती देवी ने कौड़ी से रुपये तक भारत की मुद्रा के विकास की कहानी बताई.
- •मुद्रा का सफर कौड़ी, दमड़ी, धेला, आना, पैसा से शुरू होकर रुपये तक पहुंचा है.
- •कौड़ियां, समुद्र से मिलने वाले छोटे शंख, दक्षिण भारत में प्रचलित थे और इनकी कीमत उपलब्धता पर निर्भर करती थी.
- •कुंती देवी ने आजादी से पहले के दौर की कठिनाइयां याद कीं, जब आना में बिस्कुट जैसी चीजें खरीदी जाती थीं.
- •उन्होंने "फूटी कौड़ी भी नहीं" मुहावरे का अर्थ समझाया, जिसका मतलब है बिल्कुल कंगाल होना, जो सबसे छोटी मुद्रा थी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 85 साल की दादी ने प्राचीन कौड़ियों से आधुनिक रुपये तक भारत की मुद्रा यात्रा को जीवंत किया है.
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