अनामिका गुप्ता मौत: कानून सख्त फिर भी आरोपियों पर नरमी क्यों?

पटना
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News18•21-01-2026, 11:50
अनामिका गुप्ता मौत: कानून सख्त फिर भी आरोपियों पर नरमी क्यों?
- •अनामिका गुप्ता की मौत, जिसे फांसी लगाकर आत्महत्या बताया गया, उनके पिता धर्मेंद्र कुमार द्वारा पूर्व नियोजित हत्या का आरोप है.
- •बीएनएस की धारा 108.3(5) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है, जो एक गंभीर, गैर-जमानती अपराध है जिसमें 10 साल तक की कैद हो सकती है.
- •आरोपियों में मुशाहिद रजा, मुकर्रम रजा, हॉस्टल संचालक विशाल अग्रवाल, रंजीत मिश्रा और वार्डन खुशबू कुमारी सहित अन्य शामिल हैं.
- •पुलिस ने केवल मुशाहिद रजा को गिरफ्तार किया है; मुकर्रम रजा को रिहा कर दिया गया, और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
- •परिवार सवाल उठा रहा है कि जब FIR में हत्या का आरोप है तो मामला आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत क्यों दर्ज किया गया, और अन्य नामजद आरोपी क्यों खुले घूम रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अनामिका गुप्ता मौत का मामला पुलिस की निष्पक्षता और कई आरोपियों के खिलाफ सीमित कार्रवाई पर सवाल उठाता है.
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