बिहार बोर्ड 1967 मैट्रिक परीक्षा: अंग्रेजी में फेल होने पर भी पास!

समस्तीपुर
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News18•05-02-2026, 13:13
बिहार बोर्ड 1967 मैट्रिक परीक्षा: अंग्रेजी में फेल होने पर भी पास!
- •1967 में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड केवल मैट्रिक परीक्षा आयोजित करता था, इंटरमीडिएट की पढ़ाई विश्वविद्यालयों के अधीन थी.
- •समस्तीपुर के जोरपुर निवासी लक्ष्मीकांत चौधरी बताते हैं कि उस समय अंग्रेजी में पास होना अनिवार्य नहीं था.
- •इस नियम से छात्र अंग्रेजी में फेल होने पर भी मैट्रिक पास माने जाते थे, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर अंग्रेजी शिक्षा के कारण मानसिक दबाव कम करना था.
- •तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने समावेशी शिक्षा नीतियां लागू की थीं, जिसमें यह नियम भी शामिल था ताकि कोई छात्र भाषा की कमजोरी के कारण आगे की शिक्षा से वंचित न हो.
- •चौधरी ने स्वयं इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन पूरा किया, सीमित संसाधनों के बावजूद समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर तक 40 किमी की यात्रा की.
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