बिहार में पशुपालन से गांवों में आर्थिक क्रांति, लाखों परिवारों की बदली जिंदगी.

पटना
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News18•05-01-2026, 17:57
बिहार में पशुपालन से गांवों में आर्थिक क्रांति, लाखों परिवारों की बदली जिंदगी.
- •बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन, सतत जीविकोपार्जन योजना और MGNREGA के तहत, गरीबी कम कर रहा है और गांवों में समृद्धि ला रहा है.
- •2020-21 से 8.12 लाख परिवार बकरी पालन, 2.24 लाख मुर्गी पालन और 1.75 लाख डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं, जिससे लाखों रुपये की वार्षिक आय हो रही है.
- •महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) पशुपालन में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, प्रशिक्षण और कम ब्याज पर बैंक ऋण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं.
- •गरीब, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है, उन्हें शेड निर्माण और आसान ऋण से लाभ मिल रहा है.
- •ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पशुपालन को ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, भविष्य में और निवेश का वादा किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिहार में सरकारी योजनाओं से पशुपालन ग्रामीण परिवारों को सशक्त कर रहा है और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रहा है.
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