कर्नाटक के बाद बिहार में जैन धर्म का यह ऐतिहासिक स्थल, जानें इसका स्थान
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कर्नाटक के बाद बिहार में जैन धर्म का अनोखा इतिहास, जानें आरा का महत्व.
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News18•22-03-2026, 23:53
कर्नाटक के बाद बिहार में जैन धर्म का अनोखा इतिहास, जानें आरा का महत्व.
•आरा, बिहार में स्थित श्री बाहुबली स्वामी मंदिर वामन स्तंभ, जैन समुदाय से जुड़ा एक अनूठा इतिहास रखता है, जो पूरे भारत में केवल दो स्थानों पर पाया जाता है - दूसरा कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में है.
•यह आरा में जैन समुदाय से जुड़ा एकमात्र पर्यटन स्थल है, जहाँ जैन धर्म में मोक्ष प्राप्त करने वाले पहले तीर्थंकर बाहुबली की एक शानदार प्रतिमा स्थापित है.
•1937 में जैन बाला विश्राम परिसर में प्रथम तीर्थंकर, 1008 भगवान ऋषभदेव के पुत्र भगवान बाहुबली स्वामी की 13 फुट ऊंची सफेद संगमरमर की मूर्ति स्थापित की गई थी.
•माता चंदबाई ने भगवान बाहुबली के ठीक सामने 31 फुट ऊंचा सफेद संगमरमर का मानस्तंभ बनवाया, जो प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिदेव या ऋषभदेव को समर्पित है.
•आरा और उसके आसपास कई जैन मंदिर, चैत्यालय और जिनालय हैं, और यह शहर जैन परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है.