इतिहास का वो दिन जब चाणक्य ने शिखा खोलकर पूरे मगध साम्राज्य को चुनौती दी (AI जेनरेटेड)
पटना
N
News1803-02-2026, 08:34

चाणक्य की प्रतिज्ञा: एक अपमान ने कैसे बदल दिया भारत का इतिहास और भूगोल.

  • चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत राजनीतिक अस्थिरता और बाहरी आक्रमणकारियों जैसे सिकंदर के खतरे का सामना कर रहा था, जिसमें मगध सबसे शक्तिशाली राज्य था.
  • तक्षशिला के आचार्य चाणक्य ने सिकंदर को रोकने के लिए राज्यों को एकजुट करने का प्रस्ताव लेकर मगध के राजा धनानंद के दरबार में गए.
  • अहंकारी राजा धनानंद ने चाणक्य का अपमान किया, जिसके बाद चाणक्य ने अपनी शिखा खोलकर नंद वंश को नष्ट करने की प्रतिज्ञा ली.
  • चाणक्य की प्रतिज्ञा 'युद्ध की स्थिति' का प्रतीक थी, जिसका उद्देश्य एक न्यायपूर्ण शासक स्थापित करना था, जिसके लिए उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य को तैयार किया.
  • कूटनीति और चंद्रगुप्त के पराक्रम से चाणक्य ने नंद वंश का अंत कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की और अपनी प्रतिज्ञा पूरी होने पर शिखा बांधी.

More like this

Loading more articles...