घनजीवामृत से जैविक खेती को नई मजबूती: सीतामढ़ी के किसान ने बताया बनाने का तरीका

सीतामढ़ी
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News18•25-01-2026, 18:38
घनजीवामृत से जैविक खेती को नई मजबूती: सीतामढ़ी के किसान ने बताया बनाने का तरीका
- •सीतामढ़ी के किसान रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के कारण जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं.
- •किसान अजय कुशवाहा घनजीवामृत को प्रभावी और किफायती जैविक खाद मानते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता और फसल स्वास्थ्य को बढ़ाता है.
- •घनजीवामृत बनाने के लिए 10 किलो गोबर, 5 लीटर गोमूत्र, 1 किलो गुड़, 2 किलो बेसन और आधा किलो पुरानी पेड़ के नीचे की मिट्टी का उपयोग होता है, जिसे 24 घंटे के लिए रखा जाता है.
- •इसका उपयोग पानी में घोलकर खेतों में छिड़काव के लिए या पौधों की रोपाई के समय जड़ों पर लगाने के लिए किया जा सकता है, जिससे सूक्ष्मजीव बढ़ते हैं और प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है.
- •घनजीवामृत का नियमित उपयोग खेती की लागत कम करता है, उत्पादन बढ़ाता है और मिट्टी, फसल व पर्यावरण को सुरक्षित रखता है, जिससे टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: घनजीवामृत जैविक खेती के लिए एक टिकाऊ और किफायती समाधान है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल की उपज को बढ़ाता है.
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