बकरी पालन: कम पूंजी, अधिक मुनाफा, ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए सरकारी सहायता

सीतामढ़ी
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News18•22-01-2026, 12:28
बकरी पालन: कम पूंजी, अधिक मुनाफा, ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए सरकारी सहायता
- •आरसेटी निदेशक अनिल कुमार ने ग्रामीण रोजगार और आय के लिए बकरी पालन को एक लाभदायक व्यवसाय बताया, जिसमें कम पूंजी और त्वरित लाभ होता है.
- •बकरियों को 'गरीबों की गाय' कहा जाता है क्योंकि इन्हें पालना आसान है और बाजार में इनकी हमेशा मांग रहती है, जिससे बढ़ती खेती लागत के बीच आय का एक वैकल्पिक स्रोत मिलता है.
- •आरसेटी मुफ्त या कम लागत पर प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें नस्ल चयन (जमुनापारी, बारबरी, ब्लैक बंगाल, सिरोही), आवास, चारा, रोग नियंत्रण और बाजार रणनीतियाँ शामिल हैं.
- •किसान क्रेडिट कार्ड और पशुधन ऋण जैसी सरकारी योजनाएँ, साथ ही सब्सिडी, बकरी पालन शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं.
- •बकरी पालन से मांस, दूध, खाद और बच्चों की बिक्री से आय होती है, जो आर्थिक मजबूती में योगदान देता है और ग्रामीण पलायन को रोकने में मदद कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बकरी पालन सरकारी और आरसेटी सहायता से ग्रामीण आत्मनिर्भरता का कम जोखिम वाला, उच्च लाभ वाला मार्ग प्रदान करता है.
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