ज्योत्सना ने राजा जनक काल की सिक्की कला को पुनर्जीवित किया, महिलाओं को सशक्त बनाया.

सीतामढ़ी
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News18•30-12-2025, 16:25
ज्योत्सना ने राजा जनक काल की सिक्की कला को पुनर्जीवित किया, महिलाओं को सशक्त बनाया.
- •सीतामढ़ी की 43 वर्षीय कारीगर ज्योत्सना ने 32 वर्षों से प्राचीन सिक्की कला को पुनर्जीवित करने के लिए खुद को समर्पित किया है, नदी किनारे की घास को मूल्यवान कलाकृतियों में बदल रही हैं.
- •उन्होंने 50 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को सिक्की कला के माध्यम से रोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान कर सशक्त बनाया है, जिनमें से कई प्रति माह 15-20 हजार रुपये कमा रही हैं.
- •ऐतिहासिक रूप से राजा जनक के युग से जुड़ी सिक्की कला ने ज्योत्सना के प्रयासों से अमेरिका, जर्मनी, इथियोपिया और दुबई तक वैश्विक पहचान हासिल की है.
- •2014 में राष्ट्रीय पुरस्कार और 2017 में राज्य पुरस्कार प्राप्त करने वाली ज्योत्सना सिक्की कला में पीएचडी भी कर रही हैं और अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी की कारीगर हैं.
- •उन्होंने तीन साल में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का एक पोर्ट्रेट बनाया और सरकार द्वारा पर्याप्त भुगतान मिलने पर इसे संग्रहालय को दान करने की पेशकश की है, सीतामढ़ी को पहचान दिलाने की वकालत कर रही हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ज्योत्सना के 32 वर्षों के समर्पण ने प्राचीन सिक्की कला को पुनर्जीवित किया, महिलाओं को सशक्त बनाया और वैश्विक पहचान दिलाई.
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