नागी पक्षी अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों का आगमन: स्वस्थ पर्यावरण का संकेत

जमुई
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News18•28-01-2026, 18:40
नागी पक्षी अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों का आगमन: स्वस्थ पर्यावरण का संकेत
- •हजारों प्रवासी पक्षी, जिनमें साइबेरियन क्रेन और बार-हेडेड गूज शामिल हैं, हर साल जमुई, बिहार के नागी पक्षी अभयारण्य आते हैं.
- •पक्षी विशेषज्ञ संदीप कुमार बताते हैं कि पक्षी सर्दियों के दौरान भारत के आर्द्रभूमि, नदियों और खेतों में प्रचुर भोजन और सुरक्षित ठिकाने तलाशते हैं.
- •जलाशयों में रहने वाले पक्षी मछली, केकड़े, घोंघे, जलीय कीड़े, शैवाल और जलीय घास खाते हैं; खेत के पक्षी बचे हुए अनाज, बीज और कीड़े खाते हैं.
- •वार्बलर और फ्लाईकैचर जैसे छोटे पक्षी फल, जामुन और कैटरपिलर खाते हैं, कीटों को नियंत्रित करके किसानों की मदद करते हैं.
- •इन पक्षियों का लगातार आगमन नागी पक्षी अभयारण्य में प्रदूषण और कीटनाशकों के उपयोग से खतरों के बावजूद एक अनुकूल और सुरक्षित वातावरण का संकेत देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नागी पक्षी अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों का वार्षिक आगमन वन्यजीवों के लिए एक स्वस्थ और सहायक वातावरण का संकेत है.
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