नीतीश कुमार का राज्यसभा प्रयोग: बिहार के मुख्यमंत्री का नया राजनीतिक दांव
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नीतीश कुमार का 'प्रयोग': क्या बिहार की क्षेत्रीय अस्मिता खतरे में है?
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News18•09-03-2026, 08:01
नीतीश कुमार का 'प्रयोग': क्या बिहार की क्षेत्रीय अस्मिता खतरे में है?
•नीतीश कुमार का बिहार सीएम पद से राज्यसभा जाने का संभावित 'प्रयोग' असामान्य है और गंभीर आशंकाएं पैदा करता है.
•यह निर्णय सीधे तौर पर उनकी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और उसकी क्षेत्रीय पहचान के भविष्य को खतरे में डालता है.
•इतिहास बताता है कि क्षेत्रीय दल अक्सर भाजपा जैसे प्रमुख राष्ट्रीय दलों के साथ गठबंधन करने पर अपनी विशिष्टता खो देते हैं, जैसे एकनाथ शिंदे और अकाली दल के उदाहरण.
•जदयू में नेतृत्व का अभाव है, नीतीश कुमार के बाद कोई मजबूत दूसरी पंक्ति का नेता नहीं है, जिससे उसका भविष्य और जटिल हो जाता है.
•नीतीश कुमार हाल ही में 75 वर्ष के हुए हैं, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या यह कदम उनकी 'सेवानिवृत्ति' या 'मार्गदर्शक मंडल' में शामिल होने का संकेत है, और इसके पीछे की मजबूरी पर सवाल उठते हैं.