पटना: नुसरत परवीन विवाद में नौकरी छोड़ने का फैसला, समाज पर असर (AI जेनरेटेड फोटो)
पटना
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News1801-01-2026, 08:48

नुसरत परवीन का हिजाब विवाद: नौकरी छोड़ना 'खतरनाक मिसाल' या व्यक्तिगत पीड़ा?

  • पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब हटाने के प्रयास से वे आहत हुईं.
  • AYUSH डॉक्टर के रूप में चयनित होने के बावजूद, नुसरत परवीन ने विस्तारित अंतिम तिथि के बाद भी सरकारी नौकरी ज्वाइन नहीं की.
  • विशेषज्ञों का मानना है कि उनका नौकरी छोड़ना संघर्ष के बजाय बहिष्कार को बढ़ावा देने वाला एक नकारात्मक संदेश है.
  • लेख सुझाव देता है कि नुसरत सिस्टम के भीतर रहकर अपनी चिंताएं उठा सकती थीं या कानूनी कार्रवाई कर सकती थीं.
  • उनके इस फैसले को 'खतरनाक मिसाल' माना जा रहा है जो व्यवस्था में विश्वास कमजोर करता है और भीतर से लड़ने से रोकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नुसरत परवीन का नौकरी छोड़ना अन्याय से लड़ने के तरीके पर समाज में बहस छेड़ता है.

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