
टोल शुल्क में वृद्धि से पटना में दैनिक यात्रियों और संभावित रूप से व्यवसायों के दैनिक खर्च सीधे प्रभावित होंगे।
1 अप्रैल, 2026 से भारत के विभिन्न शहरों में टोल दरें 3-10% तक बढ़ रही हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, टोल बढ़ोतरी से प्रभावित बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विशिष्ट राहत उपायों को शुरू करने का कोई उल्लेख नहीं है।