22 साल बाद लौटे फौजी नरेश प्रसाद का देवजारा गांव में भव्य स्वागत, बने प्रेरणास्रोत

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News18•03-02-2026, 06:58
22 साल बाद लौटे फौजी नरेश प्रसाद का देवजारा गांव में भव्य स्वागत, बने प्रेरणास्रोत
- •हवलदार नरेश प्रसाद 22 साल भारतीय सेना में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए, गया जिले के देवजारा गांव में उनका भव्य स्वागत हुआ.
- •वह अपने गांव के पहले व्यक्ति थे जिन्हें सरकारी नौकरी मिली, जिससे 50 से अधिक अन्य लोगों को सरकारी सेवा में शामिल होने की प्रेरणा मिली.
- •नरेश प्रसाद ने पुंछ सेक्टर में एक घटना का जिक्र किया जहां उन्होंने AK-47 से आतंकवादियों को डराकर अपनी जान बचाई थी.
- •'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मुंबई का एक साथी शहीद हो गया, जबकि नरेश लगातार तीन दिनों तक जागते हुए भीषण गोलीबारी से बचे रहे.
- •सेवानिवृत्ति के बाद, वह सामाजिक सेवा में समय बिताने की योजना बना रहे हैं, जिसमें गांव के बच्चों को शिक्षित करना और उनकी प्रगति में मदद करना शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हवलदार नरेश प्रसाद, गांव के लिए प्रेरणास्रोत, 22 साल की वीरतापूर्ण सेवा के बाद भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए.
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