सहरसा सदर अस्पताल में टोर्च की रोशनी से होती है मरीजों का इलाज
सहरसा
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News1804-02-2026, 19:30

सहरसा सदर अस्पताल में अंधेरा: बिजली गुल, जनरेटर खराब; टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज

  • सहरसा सदर अस्पताल से सामने आई चौंकाने वाली तस्वीरों में मरीज मोबाइल टॉर्च और फ्लैशलाइट की रोशनी में इलाज कराते दिखे.
  • परिजनों का आरोप है कि घंटों बिजली गुल रहने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जनरेटर की बैटरी खराब होने का बहाना बनाया गया.
  • स्वास्थ्यकर्मियों ने मोबाइल की रोशनी में मरीजों को इंजेक्शन लगाए, जिससे मरीजों की सुरक्षा और संभावित चिकित्सा त्रुटियों पर गंभीर सवाल उठे.
  • यह घटना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है और स्वास्थ्य बजट पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये पर सवाल उठाती है.
  • सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने शहर में बिजली कटौती और जनरेटर की बैटरी अचानक खराब होने की बात स्वीकार की.

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