बैठक कर लोगों ने लिया निर्णय 
समस्तीपुर
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News1829-12-2025, 15:25

समस्तीपुर के भाइयों ने तोड़ी परंपरा, आलोचना के बावजूद मृत्युभोज से किया इनकार.

  • बिहार में मृत्युभोज एक व्यापक परंपरा है, जो अक्सर परिवारों पर वित्तीय बोझ डालती है और उन्हें कर्ज लेने पर मजबूर करती है.
  • समस्तीपुर के अशोक राम, दिलीप राम और संतोष कुमार ने अपने पिता रामप्रताप राम के निधन के बाद मृत्युभोज न करने का साहसिक निर्णय लिया.
  • रूढ़िवादी तबके की आलोचना के बावजूद, भाई अपने फैसले पर अडिग रहे, यह संदेश दिया कि सच्चा सम्मान मूल्यों से होता है, दिखावे से नहीं.
  • उनके साहसिक निर्णय के लिए उन्हें सम्मानित किया गया, वक्ताओं ने मृत्युभोज को एक सामाजिक बुराई और 'मृत्युभोज निषेध अधिनियम' के तहत कानूनी अपराध बताया.
  • उनके इस कार्य को बिहार के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, जो हानिकारक परंपराओं के खिलाफ सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: समस्तीपुर के भाइयों ने मृत्युभोज की परंपरा को तोड़कर, महंगी रस्मों के खिलाफ सामाजिक बदलाव की प्रेरणा दी.

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