तस्वीर 
सीतामढ़ी
N
News1823-12-2025, 22:17

सीतामढ़ी मॉडल अस्पताल का सच: 23 करोड़ खर्च, फिर भी अंधेरे में इलाज.

  • 23 करोड़ रुपये की लागत से बने सीतामढ़ी मॉडल अस्पताल में बिजली गुल होने पर मरीजों का इलाज मोबाइल टॉर्च और मोमबत्तियों की रोशनी में होता है.
  • सोमवार को बिजली जाने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई; डॉ. अमरनाथ यादव टॉर्च से मरीजों की जांच करते दिखे, और काउंटर बंद होने से लंबी कतारें लग गईं.
  • लाखों के सौर पैनल आठ महीने पहले स्थापित किए गए थे लेकिन अभी तक चालू नहीं हुए हैं, जिससे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
  • अस्पताल में महंगी कुर्सियां और एसी कमरे हैं, लेकिन बिजली कटौती के दौरान बुनियादी रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जिससे प्रशासन की लापरवाही उजागर होती है.
  • सिविल सर्जन अखिलेश कुमार ने जल्द ही सौर पैनलों को जोड़ने और जनरेटर की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, लेकिन मरीजों का अंधेरे में इलाज जारी है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 23 करोड़ के सीतामढ़ी मॉडल अस्पताल में बिजली गुल होने पर अंधेरे में इलाज, मरीजों की जान खतरे में.

More like this

Loading more articles...