डॉ. आनंद का सीतामढ़ी में अद्भुत संग्रह: राम टंका से ब्रिटिश सिक्कों तक का सफर
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सीतामढ़ी के डॉ. आनंद का अनोखा संग्रह: राम टंका से ब्रिटिश सिक्कों तक का सफर.
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News18•02-04-2026, 17:38
सीतामढ़ी के डॉ. आनंद का अनोखा संग्रह: राम टंका से ब्रिटिश सिक्कों तक का सफर.
•सीतामढ़ी के डॉ. आनंद प्रकाश वर्मा ने अपने घर को सिक्कों के संग्रहालय में बदला है, जिसमें प्राचीन धार्मिक टोकन से लेकर ब्रिटिश काल और स्वतंत्र भारत के शुरुआती सिक्के शामिल हैं.
•उनके संग्रह में राम दरबार, संत कबीर और भगवान शिव से संबंधित राम टंका या मंदिर टोकन शामिल हैं, जो 19वीं और 20वीं सदी में लोकप्रिय थे.
•ब्रिटिश काल के सिक्कों में 1835 और 1845 के ईस्ट इंडिया कंपनी के तांबे के आधे-आना सिक्के, 'ढेला' और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान धातु की कमी के कारण बने छेद वाले सिक्के शामिल हैं.
•स्वतंत्र भारत की मुद्रा यात्रा को दर्शाते हुए 1951 का 'घोड़े वाला' एक पैसा, 1957 के दशमलव प्रणाली के बाद के 'नया पैसा' और 1970-80 के दशक के हल्के एल्यूमीनियम सिक्के भी संग्रह में हैं.
•डॉ. आनंद का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के समृद्ध इतिहास और पूर्वजों द्वारा उपयोग की गई मुद्राओं से अवगत कराना है, वे सिक्कों की मूल ऐतिहासिक स्थिति को बनाए रखने में विश्वास रखते हैं.