तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में पोस्ट-नीतीश युग की चुनौतियों और अवसरों के केंद्र में हैं. क्या वे नेतृत्व की कसौटी पर खरे उतरेंगे.
पटना
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News1801-01-2026, 11:50

तेजस्वी यादव: नीतीश के बाद बिहार का भविष्य या अनसुलझा सवाल?

  • नीतीश कुमार के राजनीतिक युग के ढलान पर होने के कारण तेजस्वी यादव 'नीतीश के बाद' बिहार के लिए केंद्रीय चेहरा बन गए हैं.
  • उनकी हालिया राजनीतिक अनुपस्थिति, जिसमें यूरोप यात्रा और विधानसभा सत्रों से गैरहाजिरी शामिल है, उनके नेतृत्व पर सवाल उठाती है.
  • तेजस्वी को RJD के 'जंगल राज' की पुरानी छवि से बाहर निकलकर लालू यादव के उत्तराधिकारी से बढ़कर एक सक्षम नेता साबित करना होगा.
  • उन्हें गठबंधन को प्रभावी ढंग से संभालना होगा और BJP के उस आख्यान का मुकाबला करना होगा जो उनकी क्षमता और अनुभव पर सवाल उठाता है.
  • युवा मतदाताओं का विश्वास जीतना महत्वपूर्ण है, जो रोजगार और विकास को प्राथमिकता देते हैं, ताकि तेजस्वी बिहार को एक नए युग में ले जा सकें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तेजस्वी यादव को बिहार में नीतीश के बाद के शून्य को भरने और अपना नेतृत्व साबित करने की चुनौती है.

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