UGC के नए नियम: बिहार में युवा, जाति और राजनीति के कॉकटेल की चुनौती

पटना
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News18•27-01-2026, 19:48
UGC के नए नियम: बिहार में युवा, जाति और राजनीति के कॉकटेल की चुनौती
- •UGC के "उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम 2026" का उद्देश्य जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है, जो 13 जनवरी, 2026 से प्रभावी है.
- •नए नियमों के तहत, सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को समान अवसर केंद्र, इक्विटी समिति, इक्विटी स्क्वाड, 24x7 हेल्पलाइन और शिकायत निवारण के लिए त्वरित प्रक्रियाएं स्थापित करनी होंगी.
- •नियमों का पालन न करने पर UGC मान्यता रद्द करने या धन रोकने जैसे कड़े कदम उठा सकता है.
- •बिहार में, ये नियम सामाजिक और राजनीतिक बहस छेड़ सकते हैं, खासकर सामान्य वर्ग के छात्रों के बीच जो निशाना बनाए जाने की आशंका जता रहे हैं.
- •छात्रों को चिंता है कि भेदभाव की व्यापक परिभाषा खुले संचार में बाधा डाल सकती है और परिसरों में सतर्क बातचीत को बढ़ावा दे सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: UGC के नए समानता नियम भेदभाव को रोकने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन बिहार के जटिल सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.
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