तस्वीर 
सीतामढ़ी
N
News1811-02-2026, 23:44

शिवहर के निरंजन ने दृष्टिबाधा को नहीं बनने दिया राह का रोड़ा, संगीत से बनाई पहचान.

  • शिवहर के 18 वर्षीय निरंजन कुमार ने बचपन से दृष्टिबाधित होने के बावजूद संगीत के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है.
  • उन्होंने शिवहर के सरकारी विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में औपचारिक संगीत शिक्षा प्राप्त की, जहाँ उन्होंने तीन महीने में हारमोनियम बजाना और गाना सीखा.
  • निरंजन ने ब्रेल लिपि पर आधारित एक अनूठा गीत, "हमरा ब्रेल के पढ़ाई नीमन लागे भाई" लिखा और गाया, जो ब्रेल शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाता है.
  • वह संगीत को एक शक्तिशाली माध्यम मानते हैं, जिसके द्वारा वे यह संदेश देते हैं कि दृष्टिबाधित बच्चे सक्षम हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
  • निरंजन ने सरकार से अपील की है कि दृष्टिबाधित बच्चों को उनकी प्रतिभा के अनुसार अवसर प्रदान किए जाएं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.

More like this

Loading more articles...