लूना बाईक पर कपड़ा बेचते बहोरी लाल अनुरागी 
सफलता की कहानी
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News1820-12-2025, 06:44

बहोरी लाल का 100 रुपये खर्च, दोगुना मुनाफा: गांव-गांव कपड़े बेचकर सफलता.

  • छतरपुर के बहोरी लाल अनुरागी ने अपनी संघर्षपूर्ण खेती को छोड़कर रेडीमेड कपड़ों का सफल व्यवसाय शुरू किया.
  • बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना करते हुए, उन्होंने अपनी पुरानी प्रतिष्ठा का लाभ उठाकर गांव-गांव जाकर कपड़े बेचने का नया तरीका अपनाया.
  • अपनी लूना बाइक पर प्रतिदिन केवल 100 रुपये के ईंधन खर्च पर, वे 40 किलोमीटर के दायरे में सभी उम्र के लोगों के लिए मौसमी कपड़े बेचते हैं.
  • दिन में 7 घंटे काम करके, वे गांव की बिक्री से प्रतिदिन 300-500 रुपये का शुद्ध लाभ कमाते हैं, जिससे उनके बेटे की दुकान के साथ उनकी आय दोगुनी हो जाती है.
  • उनकी रणनीति सस्ती, गुणवत्तापूर्ण कपड़े उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, जिससे महिलाओं से लेकर बुजुर्गों तक की लगातार मांग के साथ 12 महीने चलने वाला व्यवसाय सुनिश्चित होता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बहोरी लाल ने गांव-गांव कपड़े बेचकर अपने व्यवसाय में नवाचार करके कठिनाई को सफलता में बदला.

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