रेलवे की 'सोने की मुर्गी' बेकार, CAG ने खोली पोल: करोड़ों कमाने का मौका गंवाया.

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News18•19-12-2025, 06:53
रेलवे की 'सोने की मुर्गी' बेकार, CAG ने खोली पोल: करोड़ों कमाने का मौका गंवाया.
- •CAG रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे के पास 4.88 लाख हेक्टेयर भूमि है, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग नगण्य है.
- •कुल भूमि में से केवल 62,740 हेक्टेयर (13%) खाली पाई गई; मार्च 2023 तक केवल 87.76 हेक्टेयर (0.14%) डेवलपर्स को सौंपी गई.
- •मार्च 2023 तक आवंटित स्थलों पर कोई व्यावसायिक विकास परियोजना शुरू नहीं हुई, जिससे अतिरिक्त आय नहीं हुई.
- •भूमि उपयोग के लिए स्थापित रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) अपनी आवंटित 997.83 हेक्टेयर भूमि का केवल 8.8% ही विकसित कर पाया.
- •जोनल रेलवे, RLDA और मंत्रालय के बीच समन्वय की कमी के कारण 188 व्यावसायिक प्रस्तावों में से 69% लंबित रहे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय रेलवे अपनी विशाल भूमि का व्यावसायिक उपयोग करने में विफल रहा, जिससे करोड़ों की आय का नुकसान हुआ.
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