कर्नाटक ने भारतीय फर्मों के साथ MoU से परहेज किया, दावोस में वैश्विक कंपनियों पर ध्यान: एमबी पाटिल

बिज़नेस
M
Moneycontrol•23-01-2026, 15:16
कर्नाटक ने भारतीय फर्मों के साथ MoU से परहेज किया, दावोस में वैश्विक कंपनियों पर ध्यान: एमबी पाटिल
- •कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने कहा कि राज्य ने दावोस में भारतीय फर्मों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर 'जानबूझकर' हस्ताक्षर करने से परहेज किया और वैश्विक कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया.
- •राज्य ने वैश्विक फर्मों के साथ 50 से अधिक बैठकें कीं, जिसका उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करना था, और महाराष्ट्र के 30 लाख करोड़ रुपये के MoUs के दावों के विपरीत था.
- •पाटिल ने बताया कि कर्नाटक ने अपने हालिया ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में पहले ही 10.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल कर ली थीं, जिनमें से 50% पूरी हो चुकी हैं.
- •कर्नाटक का मजबूत निवेश पारिस्थितिकी तंत्र उसकी एक सदी पुरानी औद्योगिक विरासत, HAL, ISRO जैसे संस्थानों और एक गहरे प्रतिभा पूल के कारण है.
- •बेंगलुरु में 400 से अधिक फॉर्च्यून 500 GCCs हैं, यह एयरोस्पेस/रक्षा विनिर्माण (65% उत्पादन) में अग्रणी है, और AI स्टार्टअप्स व निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का केंद्र है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक वैश्विक निवेश और निष्पादन को प्राथमिकता देता है, अपनी मजबूत औद्योगिक और प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाता है.
✦
More like this
Loading more articles...





