चमड़े के लैंप: धर्मवरम की बकरी की खाल से बनी कलाकृति घरों को रोशन कर रही है.

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News18•30-12-2025, 12:00
चमड़े के लैंप: धर्मवरम की बकरी की खाल से बनी कलाकृति घरों को रोशन कर रही है.
- •श्री सत्य साई जिले का धर्मवरम पारंपरिक चमड़े की कठपुतली कला के लिए प्रसिद्ध है, जो अब अद्वितीय चमड़े के लैंप बना रहा है.
- •ये लैंप प्राकृतिक रूप से साफ की गई बकरी की खाल से बनाए जाते हैं, जिन पर रामायण, महाभारत और प्रकृति के दृश्य उकेरे जाते हैं.
- •खाल में बने छोटे छेद रोशनी को सुंदर छाया और डिजाइन बनाने की अनुमति देते हैं, जो टेबल, हैंगिंग और फ्लोर लैंप के रूप में उपलब्ध हैं.
- •यह प्राचीन तेलुगु कला 'थोलुबोम्मलाटा' का आधुनिक रूप है, जो घर की सजावट को शाही रूप देता है.
- •साईकुमार/साईकृष्णा इन हस्तनिर्मित लैंपों को देश भर में पहुंचाते हैं, जिनकी कीमत 500-3000 रुपये है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धर्मवरम की प्राचीन चमड़े की कठपुतली कला अब शानदार लैंप में बदल गई है, जो परंपरा और आधुनिकता का मेल है.
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