भारत के निर्यातकों को अमेरिकी ऑर्डर खोने का खतरा, व्यापार समझौते में देरी.

बिज़नेस
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Moneycontrol•07-01-2026, 08:01
भारत के निर्यातकों को अमेरिकी ऑर्डर खोने का खतरा, व्यापार समझौते में देरी.
- •यदि जनवरी तक व्यापार समझौता नहीं हुआ तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी ग्रीष्मकालीन खरीदारी के ऑर्डर गंवाने पड़ सकते हैं.
- •अगस्त से लगे 50% अमेरिकी शुल्कों ने वस्त्र और चमड़े जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों के 2025 के सर्दियों और क्रिसमस के ऑर्डर को पहले ही प्रभावित किया है.
- •ट्रम्प और मोदी के बीच कई वार्ताओं के बावजूद, धीमी प्रगति से उत्पादन में कटौती, छंटनी और निर्यातकों की सुरक्षा के लिए $5 बिलियन की सरकारी सहायता हुई है.
- •निर्यातकों ने नुकसान कम करने के लिए बाजार विविधीकरण, छूट की पेशकश और UAE, केन्या, इथियोपिया जैसे देशों में उत्पादन स्थानांतरित करने के विकल्प तलाशे हैं.
- •राफीक अहमद (फरीदा ग्रुप) और गौतम नायर (मैट्रिक्स डिजाइन) जैसे प्रमुख हस्तियों ने गंभीर वित्तीय परिणामों और 2026 की पहली छमाही के लिए संभावित 'वाशआउट' की चेतावनी दी है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमेरिकी-भारत व्यापार समझौते में देरी और शुल्क भारतीय निर्यातकों को खतरे में डाल रहे हैं, जिससे बाजार विविधीकरण और उत्पादन में बदलाव हो रहा है.
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