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EMI का '2-6-10' फॉर्मूला: क्या यह आपकी वित्तीय स्थिति के लिए उपयुक्त है या केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा है.
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EMI का '2-6-10' फॉर्मूला: क्या यह अब भी प्रासंगिक है? जानें स्मार्ट कर्ज प्रबंधन के नए नियम.
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News18
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06-03-2026, 18:10
EMI का '2-6-10' फॉर्मूला: क्या यह अब भी प्रासंगिक है? जानें स्मार्ट कर्ज प्रबंधन के नए नियम.
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'2-6-10' EMI फॉर्मूला: वस्तु की कीमत मासिक वेतन के 50% से कम, ऋण अवधि 6 महीने से कम, EMI आय के 10% से कम होनी चाहिए.
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यह नियम अब कई ऋणों, बढ़ते खर्चों और अस्थिर आय के कारण कम प्रभावी है.
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विशेषज्ञ EMI तय करते समय केवल वेतन नहीं, बल्कि मासिक खर्चों के बाद बची हुई राशि पर विचार करने की सलाह देते हैं.
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कुल EMI शुद्ध आय के 30-35% के भीतर होनी चाहिए, साथ ही 6 महीने का आपातकालीन फंड और 15-20% बचत भी बनाए रखें.
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ऋण लेने से पहले 6 महीने का सर्वाइवल टेस्ट, ब्याज दर शॉक टेस्ट और आय रियलिटी टेस्ट जरूर करें.
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