मौत को मात देकर दिल्ली के टॉप ट्रेनर बने जितेंद्र गुलिया: एक प्रेरणादायक वापसी

सफलता की कहानी
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News18•29-01-2026, 16:33
मौत को मात देकर दिल्ली के टॉप ट्रेनर बने जितेंद्र गुलिया: एक प्रेरणादायक वापसी
- •सफल पर्सनल ट्रेनर जितेंद्र गुलिया का दिसंबर 2015 में एक गंभीर कार दुर्घटना हुई, जिसमें उनकी गर्दन टूट गई, सिर में चोट आई और वे कोमा में चले गए.
- •डॉक्टरों ने उनके बचने की संभावना नगण्य बताई और आजीवन लकवाग्रस्त होने की चेतावनी दी, लेकिन उनके पिता के विश्वास और डॉ. श्रीवास्तव के प्रयासों ने उम्मीद जगाई.
- •21 दिनों तक कोमा में रहने और 42 टांके लगने के बाद, जितेंद्र याददाश्त खोकर घर लौटे, और 5 साल की चुनौतीपूर्ण रिकवरी यात्रा शुरू की.
- •चिकित्सा भविष्यवाणियों को धता बताते हुए, उन्होंने अपनी आवाज वापस पाई, बिना सहारे के चलना शुरू किया और अंततः फिटनेस प्रशिक्षण में लौट आए.
- •आज, जितेंद्र गुलिया दिल्ली-एनसीआर में एक प्रसिद्ध पर्सनल ट्रेनर हैं, जो 22 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर रहे हैं और अपनी दृढ़ता की कहानी से लाखों को प्रेरित कर रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जितेंद्र गुलिया की मौत के मुंह से लौटकर शीर्ष ट्रेनर बनने की अविश्वसनीय यात्रा मानवीय भावना की अटूट शक्ति का प्रतीक है.
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