भारत कच्‍चे तेल के आयात में विविधता ला रहा है.
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News1825-01-2026, 11:57

भारत की तेल रणनीति में बदलाव: रूसी आयात घटाया, मध्य पूर्व से खरीद बढ़ाई

  • भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में 'जोखिम कम करने' और 'आपूर्ति को विश्वसनीय बनाने' की ओर बढ़ रहा है.
  • जनवरी के पहले तीन हफ्तों में रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर लगभग 1.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया, जो पिछले महीने के औसत 1.21 मिलियन बैरल प्रतिदिन से कम है.
  • रूस से हुई कमी की भरपाई इराक और सऊदी अरब जैसे मध्य पूर्वी देशों से खरीद बढ़ाकर की जा रही है; सऊदी अरब से आपूर्ति 924,000 बैरल प्रतिदिन तक बढ़ी है.
  • अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी जैसी प्रमुख भारतीय रिफाइनरियों ने अस्थायी रूप से रूसी तेल आयात रोक दिया है.
  • नियामक जटिलताओं के बावजूद, रूसी यूराल ग्रेड तेल अभी भी आकर्षक है क्योंकि यह ओमान/दुबई ग्रेड से $5-7 प्रति बैरल सस्ता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत रणनीतिक रूप से अपने तेल आयात में विविधता ला रहा है, रूस पर निर्भरता कम कर रहा है और विश्वसनीय आपूर्ति को प्राथमिकता दे रहा है.

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