भारत-ईयू एफटीए: वैश्विक शक्ति बदलावों के बीच एक रणनीतिक विकल्प, यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष का बयान

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News18•24-01-2026, 07:56
भारत-ईयू एफटीए: वैश्विक शक्ति बदलावों के बीच एक रणनीतिक विकल्प, यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष का बयान
- •यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कलास ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को केवल अर्थशास्त्र से परे एक 'रणनीतिक विकल्प' बताया है.
- •एफटीए का उद्देश्य चीन, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी वैश्विक शक्तियों पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है, जिससे लगभग 2 अरब लोगों का एक साझा बाजार बनेगा.
- •27 जनवरी को भारत-ईयू नेताओं के शिखर सम्मेलन में एक नए सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और साइबर रक्षा में सहयोग बढ़ाएगा.
- •कलास ने यूरोप को एक विश्वसनीय रक्षा भागीदार के रूप में उजागर किया, इसकी तुलना रूस से की, और कहा कि रूस के साथ भारत के संबंध ईयू सहयोग के लिए एक चुनौती हैं.
- •ईयू व्यापार के शस्त्रीकरण और आक्रामक रुख के खिलाफ चीन का मुकाबला करने के लिए एक आर्थिक सुरक्षा रणनीति विकसित कर रहा है, जबकि भारत के साथ प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने की मांग कर रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए निर्भरता में विविधता लाने, आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम है.
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