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Moneycontrol19-12-2025, 16:37

भारत-ओमान समझौता: प्रतिबंधों के बीच सूडान, तुर्की को ईंधन निर्यात को बढ़ावा.

  • भारत-ओमान व्यापार समझौता ओमान के बंदरगाहों (सोहार, दुक्म) का उपयोग करके यूरोप, अफ्रीका, सूडान और तुर्की को ईंधन के पुनः निर्यात को सक्षम करेगा.
  • यह जनवरी से रूसी कच्चे तेल से प्राप्त उत्पादों पर यूरोपीय संघ के कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए भारत के लिए महत्वपूर्ण है.
  • यह समझौता सीमा शुल्क बाधाओं को कम करता है और पेट्रोलियम तथा अन्य वस्तुओं के लिए नियामक अनुपालन को आसान बनाता है.
  • यह ओमान को खाड़ी और अफ्रीकी बाजारों के प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग करके अमेरिकी शुल्कों का सामना करने वाले भारतीय निर्यात, विशेषकर वस्त्रों में विविधता लाता है.
  • रणनीतिक मजबूती: यह भारत की भू-राजनीतिक उपस्थिति और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में भूमिका को मजबूत करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ओमान व्यापार समझौता वैश्विक प्रतिबंधों के बीच ईंधन निर्यात को रणनीतिक रूप से बढ़ावा देता है और वस्तुओं में विविधता लाता है.

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