भारत बनेगा कमर्शियल जेट उत्पादन का ग्लोबल हब, 2045 तक दुनिया को करेगा सप्लाई

बिज़नेस
N
News18•29-01-2026, 17:09
भारत बनेगा कमर्शियल जेट उत्पादन का ग्लोबल हब, 2045 तक दुनिया को करेगा सप्लाई
- •भारत मेक इन इंडिया और PLI योजनाओं के तहत बोइंग और एयरबस जैसे दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा करते हुए कमर्शियल जेट उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है.
- •HAL-UAC सुपरजेट उत्पादन और अडानी ग्रुप-एंब्रेयर क्षेत्रीय जेट असेंबली लाइनों जैसी साझेदारियाँ इस महत्वाकांक्षा की कुंजी हैं.
- •अडानी-एंब्रेयर समझौता ज्ञापन भारत में पहली अंतिम असेंबली लाइन की योजना बना रहा है, संभवतः गुजरात या उत्तर प्रदेश में, जो 150 सीटों तक के क्षेत्रीय विमानों का उत्पादन करेगा.
- •इस पहल से 5,000 से अधिक नौकरियाँ और अरबों डॉलर का इकोसिस्टम निवेश होने का अनुमान है, जो 2045 तक 500 से अधिक क्षेत्रीय जेट की मांग को पूरा करेगा.
- •प्रोत्साहन और विंग्स इंडिया जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकारी सहायता स्वदेशी विनिर्माण और वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत तेजी से वैश्विक कमर्शियल जेट विनिर्माण केंद्र बन रहा है, जिससे नौकरियाँ पैदा होंगी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
✦
More like this
Loading more articles...





