Chabahar port (File image)
M
Moneycontrol28-02-2026, 13:22

ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद भारत IMEC पर ध्यान केंद्रित करेगा, चाबहार नहीं छोड़ेगा.

  • विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) पर ध्यान केंद्रित करेगा, लेकिन चाबहार बंदरगाह में अपनी रुचि बनाए रखेगा.
  • ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले और उसके बाद के प्रतिबंधों से चाबहार में भारत के रणनीतिक और वाणिज्यिक हितों के लिए जोखिम बढ़ गया है.
  • चाबहार मध्य एशिया तक भारत की पहुंच, महत्वपूर्ण खनिजों और पाकिस्तान व चीन का मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है.
  • IMEC, एक प्रस्तावित मल्टी-मॉडल कॉरिडोर, ईरानी क्षेत्र को दरकिनार करते हुए भारत को यूरोप से जोड़ने वाला एक वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला मार्ग प्रदान करता है.
  • हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम कम होने के कारण IMEC को नीतिगत बढ़ावा मिल रहा है, यूरेशियाई कनेक्टिविटी के लिए चाबहार की दीर्घकालिक प्रासंगिकता यह सुनिश्चित करती है कि इसे छोड़ा नहीं जाएगा.

More like this

Loading more articles...