भारत में क्रिप्टो का भविष्य: 2026 में निवेशकों के लिए अस्पष्टता और कड़े नियम.

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Moneycontrol•22-12-2025, 08:54
भारत में क्रिप्टो का भविष्य: 2026 में निवेशकों के लिए अस्पष्टता और कड़े नियम.
- •भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को 2026 में अस्पष्टता और आक्रामक कराधान (30% टैक्स, 1% टीडीएस) का सामना करना पड़ेगा, नियामक स्पष्टता या आधिकारिक प्रोत्साहन की उम्मीद नहीं है.
- •मौजूदा टैक्स व्यवस्था आकस्मिक व्यापारियों को दूर करती है, जिससे 100 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं का एक बढ़ता हुआ दीर्घकालिक निवेशक आधार बचा है, खासकर टियर 2 और 3 शहरों में.
- •विनियमन चुनिंदा रूप से कड़ा होने की उम्मीद है, जिससे एक्सचेंजों के लिए अनुपालन लागत बढ़ेगी, छोटे खिलाड़ियों को ऑफशोर धकेला जा सकता है, और भारत की वैश्विक व्यापार केंद्र बनने की क्षमता सीमित होगी.
- •निवेशकों के पास सुरक्षा जाल, संरक्षण कोष या त्वरित निवारण तंत्र का अभाव है, हालांकि अदालतें क्रिप्टो को संपत्ति के रूप में मान्यता देकर कानूनी स्थिति प्रदान कर सकती हैं.
- •केंद्रीय बैंक डिजिटल रुपये को "सुरक्षित" विकल्प के रूप में बढ़ावा देना जारी रखेगा, यह दर्शाता है कि नवाचार केवल राज्य की शर्तों पर ही स्वीकार्य है, जिससे एक "घरेलू" क्रिप्टो बाजार बनेगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2026 में भारत का क्रिप्टो बाजार अस्पष्टता, कड़े विनियमन और उच्च करों से परिभाषित होगा.
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