भारत की 'लो-कॉस्ट' इंजीनियरिंग का कमाल: 1 यूरोपीय ट्रेन की कीमत में 4 वंदे भारत
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News1820-01-2026, 14:47

भारत की 'लो-कॉस्ट' इंजीनियरिंग का कमाल: 1 यूरोपीय ट्रेन की कीमत में 4 वंदे भारत

  • भारत, जो कभी तकनीक के लिए दूसरों पर निर्भर था, अब अंतरिक्ष और रेल में अपनी किफायती इंजीनियरिंग से विकसित देशों को चकित कर रहा है.
  • इसरो का मंगलयान मिशन हॉलीवुड फिल्म 'ग्रेविटी' से भी कम लागत में पूरा हुआ, जो भारत के 'सस्ते लेकिन कमजोर नहीं' दृष्टिकोण को दर्शाता है.
  • वंदे भारत एक्सप्रेस, एक स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन, बनाने में 100-115 करोड़ रुपये लगते हैं, जो समान यूरोपीय ट्रेनों के 400-500 करोड़ रुपये से काफी कम है.
  • चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के इंजीनियरों ने बिना किसी विदेशी सहायता के वंदे भारत का विकास किया, जिससे यह 'नए भारत' के आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया.
  • ट्रेन में कवच सुरक्षा, शोर-मुक्त यात्रा, घूमने वाली सीटें और स्वदेशी घटक शामिल हैं, जो 'मेक इन इंडिया' की शक्ति को प्रदर्शित करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की स्वदेशी इंजीनियरिंग वंदे भारत जैसी उन्नत तकनीक को वैश्विक लागत के एक अंश पर प्रदान करती है.

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