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Moneycontrol12-02-2026, 13:46

भारतीय GCCs ने 2025 में 6,000 से अधिक नौकरियां घटाईं, मैक्रो दबाव और AI का प्रभाव.

  • भारतीय ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने 2025 में 6,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की, क्योंकि वैश्विक मूल कंपनियों को व्यापार शुल्क और AI-नेतृत्व वाले पुनर्गठन जैसे दबावों का सामना करना पड़ा.
  • इंजीनियरिंग, ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, रिटेल और बड़ी टेक कंपनियों जैसे क्षेत्रों में छंटनी हुई; अकेले टेक्नीकलर में 3,000 नौकरियां गईं.
  • छंटनी के बावजूद, भारत में 2025 में रिकॉर्ड संख्या में नए GCCs स्थापित हुए और 135,000-150,000 नई नौकरियां सृजित हुईं, जो गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा की मांग को दर्शाता है.
  • उद्योग विश्लेषक इन छंटनियों को 'क्षेत्रीय रीसेट' के रूप में देखते हैं, ताकि AI-पश्चात दुनिया में उत्पादकता में सुधार हो और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों को समेकित किया जा सके, जबकि AI-केंद्रित टीमों को बढ़ाया जा सके.
  • छंटनी वैश्विक स्तर पर मूल संगठनों को प्रभावित करने वाले मैक्रोइकॉनॉमिक दबावों का भी प्रतिबिंब है, जिसमें भारतीय टीमें वैश्विक उत्पाद रणनीतियों के साथ निकटता से जुड़ी हुई हैं.

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