निर्यात रुकने का असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है.
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News1812-01-2026, 12:00

ईरान संकट से भारत को बड़ा नुकसान: ₹12,000 करोड़ का बासमती व्यापार खतरे में.

  • ईरान में बढ़ते तनाव और आर्थिक प्रतिबंधों के कारण भारत का बासमती निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, ₹2,000 करोड़ के खेप बंदरगाहों पर फंसे हैं.
  • ईरान सालाना भारत से 1.2 मिलियन टन बासमती चावल खरीदता है, जिसका मूल्य लगभग ₹12,000 करोड़ है; इसमें से 40% पंजाब और हरियाणा से आता है.
  • ईरानी मुद्रा 'रियाल' के भारी अवमूल्यन और खाद्य आयात के लिए सब्सिडी वाली विनिमय दर वापस लेने से व्यापार संकट गहरा गया है.
  • भारत द्वारा ईरानी तेल का आयात बंद करने के बाद ईरान के साथ 'वस्तु विनिमय प्रणाली' (तेल के बदले सामान) भी समाप्त हो गई है.
  • निर्यात रुकने से घरेलू बासमती की कीमतों में ₹3-₹4 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है, जिससे किसानों की आय और व्यापार चक्र प्रभावित हो रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ईरान के आर्थिक संकट और प्रतिबंधों ने भारत के ₹12,000 करोड़ के बासमती व्यापार को गंभीर रूप से बाधित किया है.

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